All About Magnesium Deficiency

मैग्नीशियम की कमी (Magnesium deficiency) होने से क्या होता है?

मैग्नीशियम की कमी के क्या लक्षण है? | magnesium deficiency symptoms

आज हमारे खाने में पोषक तत्वों की बहुत कमी हो गयी है और कुछ पोषक तत्व तो ऐसे है जिनकी कमी होने से हमारे शरीर में बहुत से रोग उत्पन्न हो जाते है। जैसे ही हमारे शरीर में परेशानियां होनी शुरू होती है हम सीधा डॉक्टर के पास भागते है और दवाई लेना शुरू कर देते है। बहुत कम डॉक्टर ऐसे होते है जो उनके पास आपने वाले मरीजों के शरीर में सभी जरुरी पोषक तत्वों की जांच करवाते है। असल में ज्यादातर बीमारियों की वजह आपके शरीर में किसी ना किसी विटामिन या मिनरल की कमी
(nutritional deficiencies) होती है।

इसलिए मैं अपने ब्लॉग पर उन सभी जरुरी विटामिन और मिनरल के बारे में लिख रहा हूँ जिनकी कमी अक्सर सभी भी हो जाती है। पोषक तत्वों की कमी की श्रृंखला (nutritional deficiencies series) में अभी तक दो लेख आ चुके है और आज ये तीसरा लेख जो कि मैग्नीशियम की कमी (Magnesium deficiency) के बारे में है।

पोषक तत्वों की कमी पर लेख-
विटामिन बी 12 की कमी आपके शरीर की थकान और कमजोरी का कारण हो सकती है (Vitamin B12 deficiency can be the reason of your body fatigue and weakness)

भारत में 70% -90% लोगो को विटामिन-डी की कमी है और यह बहुत गंभीर मामला है। (Vitamin D deficiency rate in india is 70%-90% and this is serious issue.)

मेरा मकसद आपको ये समझाना है कि अगर आप अपने शरीर में पोषक तत्वों की कमी को पहचान कर उनकी पूर्ति करने के लिए अपने खाने-पीने पर सही से ध्यान दे जरुरत पड़ने पर सही सप्लीमेंट का प्रयोग करें तो आप बहुत से बीमारियों और दवाइयों के सेवन से बच सकते है।

मैग्नीशियम की कमी (Magnesium deficiency)
कुछ रिसर्च में पाया गया कि करीब 60%-70% लोग अपने खाने से मैग्नीशियम की उतनी मात्रा नहीं ले पाते है जितना की प्रतिदिन एक इंसान के लिए जरुरी है मतलब हम ये बोल सकते है कि करीब 60% से 70% लोगो में मैग्नीशियम की कमी (Magnesium deficiency) हो सकती है। इसकी सबसे बड़ी वजह ये है कि जिस जमीन पर हम अपना खाना उगाते है उस मिट्टी में ही अब मैग्नीशियम की कमी (Magnesium deficiency) हो गयी है। आज जो सब्जियाँ, फल , अनाज इत्यादि हमें खाने को मिल रहें है उनमें ही बहुत से पोषक तत्वों की कमी है।

मैग्नीशियम एक खनिज (mineral) है जो हमारे स्वास्थ्य के लिए अति आवश्यक है। इसका उपयोग आपके शरीर के हर अंग, विशेष रूप से हृदय, मांसपेशियों और गुर्दे द्वारा किया जाता है। हमारे शरीर में करीब 700-800 जीवनदायी प्रतिक्रियाओं (enzyme systems) के सही से कार्य के लिए मैग्नीशियम की जरुरत होती है।

कैसे होती है शरीर में मैग्नीशियम की कमी (Magnesium deficiency)

    • जैसा कि मैंने पहले बताया कि अब हमारी मिट्टी में ही मैग्नीशियम की कमी हो गयी है जिसकी वजह से खाने में पूरा मैग्नीशियम हमें नहीं मिल पा रहा है। आजकल इतने ज्यादा कीटनाशक, रासायनिक खाद प्रयोग किये जा रहे है कि वे उस फसल के पोषक तत्वो को भी खत्म कर देते है।
    • मैग्नीशियम की कमी (Magnesium deficiency) की एक वजह शरीर में कैल्शियम की मात्रा ज्यादा होना भी होती है। अगर आप कैल्शियम से भरपूर खाना ज्यादा खाते है तो ये आपके मैग्नीशियम की मात्रा को कम कर देता है।
    • अगर आप ऐसे किसी खेल में या काम में है जिसमें आपका बहुत ज्यादा पसीना निकलता है तो भी आपके शरीर में मैग्नीशियम की कमी (Magnesium deficiency) हो जाती है। इसी तरह अगर आप अपने वजन को कम करने के लिए बार बार स्टीम/सॉना बाथ लेते है तो उसके दौरान निकलने वाले पसीने के माध्यम से भी बहुत खनिज निकल जाते है जो मैग्नीशियम की कमी होने का कारण हो सकता है।
    • ज्यादातर जंक फ़ूड, फ़ास्ट फ़ूड और ऐसे खाने जिसमें ज्यादा मात्रा में चीनी का प्रयोग होता है उनका ज्यादा प्रयोग करने से शरीर में मैग्नीशियम की कमी हो जाती है।
  • बहुत ज्यादा प्रोटीन से भरपूर खाना खाने से भी शरीर में मैग्नीशियम की कमी (Magnesium deficiency) हो सकती है क्योकि इसको पचाने के लिए शरीर को मैग्नीशियम की जरुरत होती है। जितना ज्यादा प्रोटीन हम लेंगे हमारा शरीर उतना ज्यादा मैग्नीशियम प्रयोग करेगा उसको पचाने मैं।
  • अगर आपके पेट में बहुत ज्यादा एसिड बनता है तो ये आपके शरीर को खाने से मैग्नीशियम लेने से रोकता है इस से भी मैग्नीशियम की कमी होती है।
  • किसी भी प्रकार का तनाव चाहे शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक शरीर में मैग्नीशियम की कमी का कारण बन सकता है।

मैग्नीशियम की कमी के होने से क्या होता है इसके लक्षण क्या है?(symptoms of Magnesium deficiency)

  • मांसपेशियों में ऐंठन और मरोड़ होना।
  • पैर में ऐंठन होना।
  • मांसपेशियों में कमजोरी आना हमेशा थकावट सी रहना।
  • फाइब्रोमायल्जिया जैसी परेशानी जिसमें पूरे शरीर में दर्द (Body Pain) रहता है।
  • रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम होना जिसे बैठे-बैठे पांव हिलाने की आदत बोलते है।
  • भूख में कमी होना।
  • शरीर पर झुनझुनी या चुभन या रेंगना महसूस होना
  • दिमाग से संबंधित परेशानियां जैसे- मानसिक रोग, मानसिक तनाव, चिड़चिड़ापन, सिरदर्द, माइग्रेन।
  • दिल की अनियमित धड़कन होना।
  • दिल से जुडी अन्य बीमारियाँ
  • कमर के निचला भाग में दर्द होना।
  • गर्दन में ऐंठन और दर्द रहना।
  • नींद कम आना।
  • उच्च रक्त चाप (High blood pressure) रहना।
  • जोड़ो में दर्द रहना।
  • बार बार कब्ज की शिकायत रहना।
  • मधुमेह रोग।
  • मोटापा बढ़ना।
  • किडनी में स्टोन होना या किडनी से जुडी अन्य परेशानी होना।
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मैग्नीशियम की कमी (Magnesium deficiency) कैसे पूरी करें
अगर आपके शरीर में मैग्नीशियम की बहुत ज्यादा कमी नहीं है और आपको लगता है कि आपको जो खाने का सामान मिल रहा है वो सही जमीन मतलब ऐसी जिसमें सभी पोषक तत्व हो पर उगाया जा रहा है तो आप सही से मैग्नीशियम से भरपूर खाने के पदार्थ अपना कर इसको पूरा कर सकते है।

अगर आपके शरीर में मैग्नीशियम का ज्यादा कमी है या बहुत ज्यादा समय से है तो आपको मैग्नीशियम सप्लीमेंट (magnesium supplement) लेनें होंगे। अब आप बोलेंगे जब खाने से मैग्नीशियम की पूर्ति कर सकते है तो सप्लीमेंट लेने की क्या जरुरत है। रिसर्च में पता चलता है कि हम में से बहुत से लोग केवल 40-60% मैग्नीशियम ही अपने खाने से अवशोषित यानि उपयोग कर पाते है अब अगर आपके शरीर में पहले ही इसकी मात्रा कम है और आपको अपनी रोज की जरुरत के अनुसार मैग्नीशियम लेना है तो सप्लीमेंट का सहारा लेना ही पड़ता है।

खाने की चीजे जिनमें सप्लीमेंट भरपूर पाया जाता है

  • अपने खाने में प्रतिदिन हरी सब्जियाँ शामिल करें विशेष रूप से हरी पत्तियों वाली सब्जियाँ। इनमें भरपूर मात्रा में मैग्नीशियम होता है।
  • ड्राई फ्रूट जैसे बादाम, काजू, अखरोट, मूंगफली खाये इनमें अच्छी मात्रा में मैग्नीशियम पाया जाता है।
  • दाल जैसे, बीन्स, छोले, मटर और सोयाबीन में भी मैग्नीशियम पाया जाता है।
  • कद्दू के बीज, अलसी, सूरजमुखी के बीज, चिया बीज में मैग्नीशियम पाया जाता है। अकेले कद्दू के बीज (pumpkin seeds) में भरपूर मात्रा में मैग्नीशियम मिलता है।
  • अगर आप मासाहारी है तो आप मछली, चिकन, लाल मांस (Red meat), टर्की, और अंडो से भी मैग्नीशियम ले सकते है।
  • जई का दलिया जिसे Oats बोलते है, गेहू और ब्राउन चावल में भी भरपूर मात्रा में मैग्नीशियम होता है।
  • प्रतिदिन फल खाये विशेष रूप से केला मैग्नीशियम का एक अच्छा स्रोत होता है।
  • दूध और दूध से बानी चीजों का भरपूर प्रयोग करें।

अगर हम मैग्नीशियम सप्लीमेंट (magnesium supplement) की बात करें तो मार्केट में बहुत सी कम्पनी इसके सप्लीमेंट बनती है जो आपको ज्यादातर कैप्सूल या गोली की रूप में मिल जाते है। मैग्नीशियम सप्लीमेंट लेने का सबसे बड़ा फायदा ये होता कि आप अपने भोजन में कोई बदलाव किए बिना अपने मैग्नीशियम की मात्रा पूरी कर सकते है।

बाजार में मैग्नीशियम सप्लीमेंट (magnesium supplement) में मैग्नीशियम के अलग अलग प्रकार आते है उनके क्या क्या काम है और आपको अपनी जरुरत के अनुसार कौन-सा लेना चाहिए इसके बारे में जल्दी ही मैं दूसरा लेख लिखूंगा।

ध्यान दें:– आपसे अनुरोध है कि अगर आप को किसी तरह की मेडिकल परेशानी है तो मैग्नीशियम सप्लीमेंट प्रयोग करने से पहले अपने डॉक्टर / वैद्यराज की सलाह जरूर ले। उपरोक्त वर्णित सभी जानकारी अनुभव एवं अनुशंधान के आधार पर लिखी गई हैं, जानकारी के अनुसार किये जाने वाले प्रयोग या उपायों कि प्रामाणिकता एवं लाभ-हानि की जिम्मेदारी संपादक की नहीं हैं।

1 Comment

  1. मुझे पैर में ऐंठन की दिक़्क़त थी फिर मेरी एक dietitian दोस्त ने मैग्नीशियम सप्लीमेंट लेने की सलाह दी। तीन महीनो में मेरी परेशानी सही हो गयी।आपने बड़ा अच्छा लिखा है दोस्त।

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