freebasics by facebook

All about Net Neutrality, Facebook’s Internet.org and freeBasics in india in hindi.

“फेसबुक(Facebook) आपको मुफ्त में इंटरनेट सेवा देगा विशेष रूप से गरीब लोगो को इससे फायदा होगा जो इंटरनेट का खर्चा नहीं उठा सकते है” सीधे शब्दों में फेसबुक के अनुसार “freebasics” का यही मतलब है। आज कल जहाँ देखो freeBasics के विज्ञापन भरे पड़े है। यहाँ तक की आपके फेसबुक में भी इसके अलर्ट आ रहे है। ये वही पुराना “Internet.org” है जिसका नाम बदल कर भारत के लिए “FreeBasics‬” कर दिया गया है सबको पता है हम भारतीयों को मुफ्त शब्द से बहुत लगाव है जहाँ मुफ्त आ गया वहाँ हम बिना सोचे समझे भाग पड़ते है।

इसके बारे में ओर जानने के लिए पहले आपको समझना पड़ेगा “Net Neutrality” क्या है। अगर आप इंटरनेट से जुडी खबरों पर नज़र रखते है तो आपने ये शब्द “Net Neutrality” पहले भी सुना होगा। Net Neutrality पर भारत के लोगो का ध्यान तब गया जब दिसम्बर 2014 में भारत के एक मोबाइल टेलीफोनी सेवा प्रदाता एयरटेल (Airtel) ने कहा कि इंटरनेट के माध्यम से मुफ्त कॉल करने की सेवा देने वाली सभी एप्लिकेशन(apps) voice calls apps (VoIP) जैसे Skype, Viber, WhatsApp, Line आदि के प्रयोग करने पर उपभोक्ता को अतिरिक्त शुल्क देना होगा। उसके बाद भारत में इस Net Neutrality पर बहस छिड गयी। सोशल नेटवर्क पर लोगो ने इसका जम कर विरोध किया और तीन दिन बाद एयरटेल ने इस प्लान को लागु करने से रोक लिया और कहा कि भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण Telecom Regulatory Authority of India (Trai) इसके बारे में जो निर्णय लेगी उसके अनुसार कम्पनी अपने फैसले पर पुनर्विचार करेगी।

Net Neutrality का सही अर्थ है कि सभी को इंटरनेट पर उपलब्द हर जानकारी को उपयोग करने का अधिकार हो। किन्तु टेलिकॉम कंपनियों ने इसकी परिभाषा को बदल दिया और उन्होंने कहा कि Net Neutrality का अर्थ है कि हर कोई इंटरनेट उपयोग कर सके और इसके लिए वो सभी को मुफ्त में इंटरनेट सेवा देंगे परन्तु आप किस वेबसाइट या सर्विस का उपयोग कर सकोगे इसका अधिकार टेलिकॉम कंपनियों के पास ही रहेगा। इसका मतलब है कि अगर आप अपने टेलिकॉम सर्विस देने वाले की मुफ्त में इंटरनेट की सेवा लेना चाहते है तो आपको वही वेबसाइट देखने को मिलेगी जिनका उस टेलिकॉम कंपनी के साथ गठबंधन होगा या जो उस टेलिकॉम कंपनी को पैसे देगी। इसके अलावा अगर आपको ओर वेबसाइट देखनी है तो आपको टेलिकॉम कंपनी को अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
इसके चलते फेसबुक ने अगस्त,2013 में विश्व स्तर पर “Internet.org” की घोषणा की थी और भारत में फेसबुक ने February, 2015 में रिलायंस कम्युनिकेशंस के साथ साझेदारी करके इसको शुरू किया था जिसका मकसद रिलायंस के उपभोक्ताओ को फेसबुक का मुफ्त प्रयोग करने देना था। और उसके साथ लगभग 38 वेबसाइट ने उनके साथ गठबंधन किया था उनको भी मुफ्त में प्रयोग कर सकते है।
इसी तरह एयरटेल ने भी अप्रैल 2015 में एयरटेल जीरो (airtel zero) नाम से सेवा को शुरु किया जिसमें आप मुफ्त में इंटरनेट चला सकते है किन्तु आप वही वेबसाइट देख सकते है जिनका एयरटेल के साथ गठबंधन है।

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण Telecom Regulatory Authority of India (Trai) ने मार्च 2015 में आम जनता से राय के लिए एक परामर्श पत्र का शुभारंभ किया। जो Trai की वेबसाइट पर Regulatory Framework for Over-the-top (OTT) Services के नाम से डाला गया जो एक 118 पन्नों का दस्तावेज़ है। स्वाभाविक रूप से ये एक आम आदमी की समझ में न आने वाला दस्तावेज़ था।

कुछ विशेषज्ञों के समूह ने मिलकर इसको आसान बनाया और इसका एक प्रश्न और हल के रूप में बदल दिया। जिसको http://www.savetheinternet.in/ पर अपलोड किया है आप वहाँ से सामग्री को कॉपी करके भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण Telecom Regulatory Authority of India (Trai) को ईमेल कर सकते है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ने आपको अपनी प्रतिक्रिया देने की अंतिम तिथि 31 दिसम्बर 2015 तय की है।

आप सभी से अनुरोध है कि फेसबुक के freeBasics वाले विज्ञापनो के झांसे में न आये ओर इसके पीछे छुपे सच को समझे ये सीधा-सीधा इंटरनेट को प्रयोग करने की हमारी स्वतंत्रता पर रोक लगाने की चाल है। जितना हो सके अधिक से अधिक अपने दोस्तों अपने जानने वालो तक इस मुद्दे का प्रसार करे ‘और उनको भी ईमेल करने को बोले।

Leave a Reply

Your email address will not be published.