Personal Finance

अपने पैसों को कैसे संभालें (Personal Finance), कैसे बचाए और कैसे खर्च करें ये हमें कभी भी सिखाया नहीं जाता है। आज के नौजवानो में सबसे बड़ी कमी है कि उन्हें पैसे की क़ीमत नहीं पता मतलब वो ये नहीं जानते कि कब वो पैसे बचा सकते है, कब उन्होंने ज़रूरत से ज़्यादा पैसे खर्च किए और अगर उनके पास पैसे है तो कैसे इनको इन्वेस्ट करें इत्यादि।

अब या तो आप ये सब तब समझ पाते है जब आप इसके बारे में पढ़ते है या किसी की मदद से सीखते है। कही ना कही आपको लगता है कि पर्सनल फाइनेंस मुझे पहले से आता मुझे पता होता कि पैसे को कैसे बेहतर तरीके से इस्तेमाल कर सकते है तो शायद अभी तक मैं आर्थिक रूप से स्थिर (financially stable ) हो चुका होता। आज के युवा अच्छी कमायी करते है फिर भी उनके पास सेविंज़ यानी बचत के नाम पर कुछ नहीं होता है। मेरे बहुत दोस्त है जो बहुत अच्छा कमाते है किंतु महीना ख़त्म होते होते उनके अकाउंट में कुछ नहीं बचता है।

मेरा मानना ​​है कि माता-पिता को अपने बच्चों को बचपन से ही पर्सनल फाइनेंस (Personal Finance) यानी पैसे को कैसे बेहतर तरीके से इस्तेमाल करे और संभालें सिखाना चाहिए। जो बच्चे जल्दी पैसों को संभालना सीख जाते है वे अपने युवा काल में जल्दी ही आर्थिक रूप से स्थिर हो जाते है। एक बात समझ ले आर्थिक रूप से स्थिर होने का मतलब ये नहीं है कि आप कितना ज़्यादा कमा रहें है बल्कि इसका मतलब है कि आप जितना भी कमाते है उसको कितने अच्छे से संभालते है खर्च करते है बचाते है यानी जितना है उतने में सही जीवन चलाना।

गुल्लक का प्रयोग (Money Bank / Piggy Bank)
अगर आप अपने बच्चों को पैसे बचाना, बचत करना सिखाना चाहते है तो सबसे पहला कदम है अपने बच्चों को गुल्लक (Money Bank / Piggy Bank) प्रयोग करने को दें। हमारे बचपन में ये बहुत प्रयोग में थे अक्सर सभी के घरों में बच्चों के पास अपने गुल्लक होते थे जिनमें सभी अपने पैसे बचा बचा कर रखते थे। इस तरीक़े से बच्चे छोटी उम्र में ही सीख जाते है कि आपके पास आने वाले पैसों में से हमेशा कुछ पैसे बचाने चाहिए जिनको इकट्ठा करके बाद में काम में लिया जा सकता है।

घर के छोटे-छोटे काम करने के बदले इनाम देना
घर के बहुत से काम होते है जिन्हें बच्चे कर सकते है परन्तु नहीं करते है क्योंकि हम करने नहीं देते। यहाँ आप उनको काम करने के बदले में इनाम में कुछ पैसे दे सकते है। यानी अगर उनको पैसे चाहिए तो उनको घर का कुछ काम करना पड़ेगा। इसके ज़रिए बच्चे सीखते है कि पैसे कमाने के लिए मेहनत लगती है।

अपने बच्चों को बाज़ार ले कर जाना
यह एक बहुत महत्वपूर्ण सबक है। अपने बच्चों को अपने साथ बाज़ार लेकर जायें और कुछ भी ख़रीदारी करते समय उनको भी शामिल करें। इसके ज़रिए बच्चे सीखते है कि कैसे सौदेबाजी (bargaining) कर के किसी समान को कम पैसों में भी ख़रीद सकते है। इसके अलावा बच्चों को पता चलता है कि पैसों की अहमियत है। कितने पैसे में क्या आ सकता है।

घर के फाइनेंस प्लानिंग में बच्चों को शामिल करना
अक्सर हम लोग अपने घर के महीने के खर्चो की प्लानिंग करते है जैसे इस महीने किस किस काम के लिए कितने कितने पैसे खर्च करने है। अपने बच्चों को भी इस समय अपने साथ रखे जिस से उनको समझ आएगा कि कैसे पैसों के खर्च करने की प्लानिंग करते है कैसे ज़रूरी कामों को प्राथमिकता दी जाती है।

बच्चों के पैसों कम अवधि के लिए निवेश करना
बच्चे जो पैसे इकट्ठा करते है उनमें से कुछ पैसों को कम अवधि के लिए निवेश वाले योजना में डालो जैसे लिक्विड फंड (liquid funds ) इसमें आप तीन महीनो की लिए पैसे इन्वेस्ट कर सकते है। इस तरह से बच्चे समझते है कि मार्केट में निवेश के क्या क्या तरीक़े है।

पैसों को संभालना (Personal Finance) की शिक्षा हमारी बुनियादी शिक्षा का हिस्सा नहीं है इसलिए हम हमेशा पैसों के मामले में जूझते रहते है। पैसों को सही से खर्च करना सही से इन्वेस्ट करना पैसे से पैसे कमाना ये सब आपको अपने बच्चों को बचपन से ही सिखाना चाहिए जिस से आगे चलकर वो अपने पैसों का सही से इस्तेमाल करें और बेफिक्र जिंदगी जिए।

2 Comments

  1. yes sabhi parents ko apne bacho ko ye sikhana chahiye. aaj kal ke bacho ko paise ki kimat hi nahi pata hai bahut barbaadi karte hai

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